Announcements

Administration and Faculty

उद्देश्य

  • राष्ट्र को समर्पित नई पीढ़ी का निर्माण।
  • चरित्रवान और श्रेष्ठ युवकों का उत्तरदायित्व निर्माण।
  • छात्र-छात्राओं में आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन के मूल्यों का विकास करना।
  • शारीरिक, शैक्षिक व नैतिक दृष्टि से सक्षम पीढ़ी का निर्माण जो वर्तमान चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके।
  • छात्रों के व्यक्तित्व का निर्माण उनके अन्तर्निहित सृजनात्मक शक्तियों के विकास के साथ मानवता एवं राष्ट्र सेवा को समर्पित छात्रों का निर्माण करना।
  • मानवता एवं मातृभूमि की सेवा के लिए विद्यार्थियों में समर्पण का भाव जागृत करना।

सह-शैक्षिक गतिविधियाँ

  • विशेष प्रार्थना सभा
  • खेलकूद, शारीरिक शिक्षा, तैराकी, शैक्षिक भ्रमण, शिविर एवं सरस्वती यात्राएँ।
  • साहित्यिक व सांस्कृतिक गतिविधियाँ, वाद-विवाद, नृत्य-संगीत आदि।
  • सदन/छात्रसंघ व्यवस्था, जागृति मंच, समाजोपयोगी उत्पाद सेवा कार्य शिविर।
  • अधिकतम छात्रों को अधिकतम कार्य, नेतृत्व विकास।
  • विज्ञान एवं कला, कठपुतली द्वारा अभिव्यक्ति।
  • प्रोजेक्ट (परियोजना) कार्य योजना।
  • युवा सप्ताह, विज्ञान प्रदर्शनी एवं विषयानुसार क्लब।
  • नववर्ष चैत्र शुक्ला प्रतिपदा।
  • अभिभावक-अध्यापक सम्पर्क।

समाज सेवा प्रकल्प

समाज सेवा के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से जहाँ समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का विकास इन प्रकल्पों का उद्देष्य है -

  • कच्ची बस्तियों में साक्षरता अभियान।
  • सामुदायिक भवनों में कमजोर छात्रों हेतु विशिष्ट अध्ययन की व्यवस्था।
  • प्रतिवर्ष जागृति मंच विभिन्न द्वारा समाज सेवा प्रकल्पों का आयोजन।
  • सारे देश में नव संवत्सर वर्ष चैत्र प्रतिपदा को पुनर्स्थापित कर प्रतिवर्ष इसका वृहद् आयोजन।
  • पर्यावरण चेतना व जागरण हेतु पॉलिथिन विरोधी अभियान व अन्य का आयोजन।
  • रक्षाबन्धन पर बधिर विद्यालय की बालिकाओं द्वारा कार्यक्रम।
  • वनवासी कल्याण कोष के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब एवं निशक्त बच्चों को सहयोग।

समूह ध्यान

प्रत्येक सप्ताह बुधवार के दिन प्रार्थना सभामें खुले सभा स्थल पर विभिन्न विशयों पर वार्ता एवं संगीत के साथ ध्यान यात्रा के माध्यम से बालकों में नवचेतना का संचार होता है। इस कार्यक्रम में एवं प्राणायाम, नाड़ी षोधन, षुद्धि इत्यादि प्रयोग बताए जाते हैं।

शिवम् ध्यान केन्द्र

ध्यान का अनुभव प्रत्येक सप्ताह अति सुन्दर कक्ष में प्रषिक्षक के साथ किया जाता है। भावातीत, विपस्ना, अश्टांग योग इत्यादि ध्यान बहुत ही सरलता से बालक करते हैं। षान्त संगीतमय वातावरण में बालक नवषक्ति का अनुभव करता है एवं षोरगुल से परे रहता है।

व्यक्तित्व निर्माण प्रयोगशाला

बालक में अर्न्तनिहित सृजन एवं विचारों को, भावों को एवं छिपी हुई प्रतिभा को बर्हिमुखी बनाकर व्यक्तित्व निर्माण हेतु यहाँ विभिन्न गतिविधियाँ वर्शपर्यन्त चलती रहती हैं। समय प्रबन्धन, समूह प्रबन्धन, कार्यक्रम प्रबन्धन, सौन्दर्य बोध, पारिस्थितिक प्रबन्धन इत्यादि द्वारा समग्र विकास का प्रयास यहाँ अनवरत चलता रहता है तथा नेतृत्व, वाक्पटुता, साक्षात्कार, समूह वार्ता द्वारा समय-समय पर बालकों में आत्मविष्वास भी जागृत किया जाता है।

हठयोग प्रयोगशाला

आलोक के नवीन प्रयोग में से एक है - हठयोग प्रयोगषाला जहाँ छात्र-छात्राएँ आधुनिक रूप से विकसित किए गए योग के साधनों से सरल ढंग से योग करने की विधा को सीखता है। विभिन्न षोध पत्रों एवं पाँच हजार से भी अधिक वेब साइट के आधार पर निर्मित यह प्रयोगषाला आलोक संस्थान के निदेषक डॉ. प्रदीप कुमावत के षोध का परिणाम है। इस प्रयोगषाला में बालक नियमित अभ्यास से योग और आसनों को अपने जीवन में उतारने का प्रयत्न करता है, वहीं च्तवचे द्वारा उसे करने में उत्साह एवं आनन्द की अनुभूति होती है।

ध्यान

आलोक की नियमित गतिविधियों में ’ध्यान’ को विषेश महत्त्व दिया गया है। प्रारम्भ से ही योगसूत्र की पद्धति पर मन को अनुषासन में रखने की विधि का ज्ञान ध्यान के माध्यम से ही छात्रों को सिखाया जाता है। बालकों में प्रारम्भ से ही साधारण जागृत अवस्था से उच्चतर अवस्था तक तथा योग चेतना के आन्तरिक संसार की खोज ध्यान के माध्यम से विकसित हो जाती है। विद्यालय में इस हेतु सुनियोजित प्रयोगषाला एवं वातावरण हम प्रदान करते हैं, जहाँ नियमित ध्यान का अभ्यास कक्षानुसार व कालांष अनुसार होता है, साथ ही सप्ताह में एक दिन समूह ध्यान का आयोजन भी होता है। प्रत्येक कालांष के मध्य भी दो मिनिट का ध्यान नवचेतना व नवषक्ति का संचार करता है।